रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि स्थिर और कम मुद्रास्फीति निरंतर आर्थिक वृद्धि का आधार देगी। मुंबई में कल हुए 59वें दक्षिण पूर्व एशियाई सेंट्रल बैंक गवर्नर सम्मेलन में श्री दास ने कहा कि मुद्रास्फीति से निपटने के प्रयासों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार उछाल और बदलते भू-राजनीतिक हालात चुनौती बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने कई चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने देश की वृद्धि दर 2024 से 2025 तक सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार चौथे वर्ष सात प्रतिशत या इससे ऊपर बढ़ेगी।
श्री दास ने कहा कि भारत ने मुश्किल दौर से बाहर निकलने में सफलता मिली क्योंकि उसने सही मौद्रिक और राजकोषीय नीतियां अपनाई थीं। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति का आधार खुदरा मुद्रास्फीति की दर पर रहा है और बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य के करीब है। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता का मुख्य भाग राजकोषीय-मौद्रिक समन्वय है।

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