कभी गद्दार, कभी सांप-नेवला! भाजपा ने कांग्रेस के ‘दलित और सिख विरोधी’ इतिहास को किया याद

पंजाब के पूर्व स्पीकर राणा के.पी. सिंह द्वारा पंजाबियों की तुलना सांप-नेवले से करने पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। प्रितपाल बलियावाल ने माफी की मांग की है।

चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर राणा के.पी. सिंह द्वारा पंजाबियों को लेकर दी गई एक कथित टिप्पणी ने राज्य में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस को ‘पंजाब और दलित विरोधी’ करार दिया है। भाजपा प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने राणा के.पी. के बयान को पंजाबियों के स्वाभिमान पर चोट बताया है।

“सांप और नेवला” टिप्पणी पर तीखा पलटवार भाजपा प्रवक्ता ने राणा के.पी. के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर पंजाबियों की तुलना सांप और नेवले से की थी। बलियावाल ने ट्वीट कर तंज कसा कि “राणा जी पर भी अब संगत का असर दिखने लगा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की मानसिकता में सिखों, दलितों और मेहनतकश पंजाबियों के प्रति गहरी नफरत भरी हुई है।

बजट में ‘इलाज’ के लिए फंड की मांग बलियावाल ने राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि असल में कांग्रेस ‘नफरत का व्यापार’ कर रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए पंजाब सरकार से मांग की कि आगामी बजट में उन कांग्रेसी नेताओं के इलाज के लिए विशेष फंड रखा जाए “जिनकी बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है।” भाजपा ने मांग की है कि राणा के.पी. सार्वजनिक रूप से पूरे पंजाब से माफी मांगें।

Exit mobile version