गृह मंत्री Amit Shah ने देशवासियों से एकता दौड़ के माध्यम से भारत की एकता को मज़बूत करने और 2047 तक एक पूर्ण विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का संकल्प लेने का आह्वान किया
- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2015 में सरदार पटेल जी की याद में देश की एकता व अखंडता के लिए पूरे देश को संकल्पित करने हेतु ‘एकता दौड़’ का आयोजन शुरू किया
- आज ‘एकता दौड़’ देश की एकता के संकल्प के साथ-साथ विकसित भारत का संकल्प भी बनी
- आज़ादी के बाद 550 से ज़्यादा रियासतों को एकजुट कर वर्तमान भारत का निर्माण सरदार साहब की दृढ़ इच्छाशक्ति और त्वरित निर्णय से संभव हुआ
- आज भारत दुनिया के सामने मज़बूती के साथ सर्वप्रथम बनने के रास्ते पर खड़ा है, इसकी नींव डालने का काम सरदार पटेल जी ने किया
- वर्षों तक सरदार साहब को भुलाने का काम किया गया, मगर मोदी जी ने सरदार साहब की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर उनकी याद को चिरंजीव करने का काम किया
- मोदी जी ने हर क्षेत्र में सरदार साहब के दृष्टिकोण, विचार व संदेश को मूर्त रूप देने का काम किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने आज नई दिल्ली में आयोजित ‘एकता दौड़’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘एकता दौड़’ का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती यानी 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, डॉ. मनसुख मंडाविया, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय और दिल्ली के उप-राज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2015 में सरदार पटेल जी की याद में देश की एकता व अखंडता के लिए पूरे देश को संकल्पित करने हेतु ‘एकता दौड़’ का आयोजन शुरू किया। उन्होंने कहा कि तब से आज तक पूरा देश एकता दौड़ से न सिर्फ पूरे देश की एकता और अखंडता के लिए संकल्प लेता है बल्कि अपने आप को भारत माता की सेवा में फिर से समर्पित भी करता है। श्री शाह ने कहा कि आज ‘एकता दौड़’ देश की एकता के संकल्प के साथ-साथ विकसित भारत का संकल्प भी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2047 तक एक पूर्ण विकसित भारत के निर्माण का संकल्प सभी देशवासियों के सामने रखा है, जो हर क्षेत्र में पूरी दुनिया में सर्वप्रथम हो।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत एक फलता-फूलता, विकसित होता, मजबूत राष्ट्र बनकर दुनिया के सामने खड़ा है। उन्होंने कहा कि इतिहास की ओर मुड़कर देखें तो आज़ादी के बाद 550 से ज़्यादा रियासतों को एकजुट कर वर्तमान भारत का निर्माण सरदार साहब की दृढ़ इच्छाशक्ति और त्वरित निर्णय से संभव हुआ। उन्होंने कहा कि वे सरदार पटेल ही थे जिनकी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज भारत एकजुट होकर दुनिया के सामने मज़बूती के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आज जब भारत दुनिया के सामने मज़बूती के साथ सर्वप्रथम बनने के रास्ते पर खड़ा है, इसकी नींव डालने का काम सरदार पटेल ने किया था।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि सालों तक सरदार वल्लभभाई पटेल को भुलाने का काम किया गया और उन्हें भारत रत्न के उचित सम्मान से भी वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने गुजरात के केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर सरदार पटेल की याद को चिरंजीव करने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर क्षेत्र में सरदार वल्लभभाई पटेल के दृष्टिकोण, विचार और संदेश को मूर्त रूप देने का काम किया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के महान विचार निश्चित रूप से देश की युवा पीढ़ी के लिए पथ प्रदर्शक बनेंगे। गृह मंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि एकता दौड़ के माध्यम से भारत की एकता को मज़बूत करने और 2047 तक एक पूर्ण विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का संकल्प लें।
source: http://pib.gov.in

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