शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की प्राचीन पुस्तकों ने पुस्तकों की दुनिया को समृद्ध किया है। उन्होंने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 52वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में कहा कि यह मेला दुनिया भर की विभिन्न संस्कृतियों, साहित्य और कलात्मक अभिव्यक्ति का संगम है। उन्होंने इस अवसर पर बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय बाल और किशोर डिजिटल पुस् तकालय का भी उद्घाटन किया। विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं, शैलियों और माध्यमों से जुड़ी उत्कृष्ट पुस् तकें इस पुस् तकालय में उपलब्ध होंगी।
पुस्तकदान-एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि ट्रस्ट ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से ‘सभी के लिए पुस्तकें’ का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दृष्टिबाधित लोगों को निःशुल्क ब्रेल पुस् तकें दी जाएंगी। यह मेला इस वर्ष बहुभाषी भारत: एक जीवंत परंपरा है। मेले में चार सौ से अधिक भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों के स्टॉल हैं। 18 फरवरी तक मेला चलेगा। मेला सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा।

जालंधर: बाबा साहेब की याद में फुटबॉल का महाकुंभ; ‘आप’ नेता नितिन कोहली ने किया उद्घाटन, मैदान में रोशन हुईं नई लाइट्स
पंजाब BJP में बड़ी सेंध: SC विंग के कद्दावर नेता अमरजीत सिंह कोकरी कलां ने थामा ‘झाड़ू’, चीमा ने किया स्वागत
‘नशामुक्त पंजाब’ की ओर बढ़ते कदम: CM मान के अभियान की मुरीद हुई दुनिया, राज्यपाल ने भी थपथपाई पीठ!
SC आयोग का बाजवा को समन: 16 फरवरी को होना होगा पेश, चेयरमैन गढ़ी बोले”दबंगई नहीं चलेगी”